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इलाहाबाद में राहुल गांधी पर देशद्रोह का केस, कोर्ट ने दिया आदेश

102 Days ago
| by RTI News

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इलाहाबादः इलाहाबाद में एक जिला अदालत ने जेएनयू घटना के संबंध में कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ देशद्रोह के आरोप तय करने को कहा है। जेएनयू घटना के बाद राहुल गांधी विश्‍वविद्यालय गये थे। इस संबंध में एक वकील सुशील कुमार शुक्‍ल ने याचिका दायर की थी। सीजेएम कोर्ट के जज सुनील कुमार ने माना कि पहली नजर में राहुल गांधी के खिलाफ देशद्रोह का केस बनता है। इसलिए केस दर्ज किया जाए।

जेएनयू मामले में राहुल के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने केलिए इलाहाबाद मजिस्ट्रेट कोर्ट में परिवाद दाखिल हुआ है। अदालत ने अधिवक्ता सुशील मिश्र की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया।

लखनऊ सीजेएम कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल किए गए, पीआईएल पर 27 फरवरी को सुनवाई होगी।  कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट के खिलाफ पीआईएल दाखिल करने वाले एडवोकेट प्रमोद पांडेय का कहना है, "अगर कोई किसी देशद्रोही का समर्थन करता है तो वह खुद 120 बी का मुजरिम होता है। अपराधी को संरक्षण देना भी देशद्रोह के दायरे में आता है। फ्रीडम ऑफ स्पीच के नाम पर देश विरोधी नारे लगाने वालों के पक्ष में बयानबाजी करना सही नहीं है।"

इस बारे में यूपी कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी द्विजेंदर त्रिपाठी ने कहा, "ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया गया है। ऐसा करने वाले ये भूल गए कि उनके परिवार ने देश के लिए न सिर्फ कुर्बानी दी, बल्कि 21वीं सदी के भारत को बनाने में अहम योगदान दिया।" उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी इसकी निंदा करती है, क्योंकि राहुल गांधी छात्रों की आवाज बन रहे हैं और उनके खिलाफ केस दर्ज कर छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।"

जेएनयू देशद्रोह की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस द्वारा देशद्रोह सहित कई धाराओं में की गई कार्रवाई पर गिरफ्तारी को राहुल गांधी ने गलत बताकर उसकी निंदा की थी।

इस बात को लेकर अधिवक्ता सुशील मिश्र ने कांग्रेस उपाध्यक्ष के खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए  के  तहत देशद्रोह का मामला दर्ज किए जाने की मांग पर परिवाद दाखिल किया। सुशील मिश्र ने बताया कि अदालत ने परिवाद पर सुनवाई  करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित कर लिया, जिसके बुधवार को आने की संभावना है।

जेएनयू में क्या हुआ था?
- जेएनयू में कुछ छात्रों ने कन्हैया कुमार के लीडरशिप में संसद पर हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु की बरसी मनाई और इस मौके पर देश विरोधी नारे भी लगाए।
- दरअसल, लेफ्ट स्टूडेंट ग्रुप्स ने संसद अटैक के दोषी अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के को-फाउंडर मकबूल भट की याद में एक प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया था।
- इस प्रोग्राम को पहले इजाजत को मिल गई थी। लेकिन एबीवीपी ने इसके खिलाफ यूनिवर्सिटी के वीसी एम जगदीश कुमार के पास शिकायत की।
- इसके बाद जेएनयू एडमिनिस्ट्रेशन ने परमिशन वापस ले ली।
- प्रोग्राम साबरमती हॉस्टल के सामने 9 फरवरी को शाम 5 बजे होना था।
- टेंशन तब बढ़नी शुरू हुई जब परमिशन कैंसल करने के बावजूद प्रोग्राम हुआ। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया।
- प्रोग्राम होने से नाराज एबीवीपी ने बुधवार को जेएनयू कैम्पस में बंद बुलाया।
- बता दें कि अफजल को 9 फरवरी 2013 और मकबूल भट को 11 फरवरी 1984 को फांसी दी गई थी।


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