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भारत से चुराई गईं करोड़ों की मूर्तियां अमेरिका में मिलीं

73 Days ago

होमलैंड सिक्योरिटी इंवेस्टिगेशन (एचएसआई) के विशेष दस्ते ने शुक्रवार को छापामार अभियान 'ऑपरेशन हिडेन आइडल' के तहत ये मूर्तियां जब्त कीं। एक मूर्ति प्रथम जैन र्तीथकर ऋषभनाथ की और दूसरी भगवान सूर्य के पुत्र रेवंत की है। एचएसआई के मुताबिक इनकी 'एशिया वीक' के तहत मंगलवार को न्यूयॉर्क में नीलामी होनी थी। यह ऐसा आयोजन है जिस पर पूरी दुनिया के शीर्ष कला संग्राहकों और संग्रहालयों के अधिकारियों की नजर रहती है।

क्रिस्टी ने कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि ऋषभनाथ और रेवंत की मूर्तियां भारत से चुराई हुई हैं और अवैध तरीके से अमेरिका लाई गई हैं।

भारत सरकार की ओर से महावाणिज्य दूत रिवा गांगुली दास ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "एचएसआई ने अपराधियों के सिंडिकेट द्वारा चुराकर लाई गईं इन मूर्तियों का पता लगाकर और बरामद कर असाधारण काम किया है।"

ऋषभनाथ की मूर्ति दसवीं सदी की है और बालू पत्थर की बनी हुई है। इसे राजस्थान या मध्य प्रदेश से लाया गया है। एचएसआई के मुताबिक, इसकी कीमत करीब 1.5 लाख डॉलर है। इसकी ऊंचाई करीब 57 सेंटीमीटर है। इसमें तीर्थाकर वज्रासन की मुद्रा में बैठे हुए हैं। बगल में दो भक्त खड़े हैं।

रेवंत की भी मूर्ति बालू पत्थर की है। इसे आठवीं सदी का बताया जा रहा है। एचएसआई के मुताबिक इसकी कीमत तीन लाख डॉलर है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने एक ट्वीट में कहा है, "भारत की बहुमूल्य धरोहरों को चुराने का लाभ नहीं मिलेगा।"

एचएसआई के अनुसार, लगता है कि ऋषभनाथ की मूर्ति को ओलीवर फोर्ज ने लंदन स्थित ब्रांडन लिंच लि. को 2006 से 2007 के बीच बेचा गया था।

रेमंत की मूर्ति के बारे में लगता है कि तस्करों ने मूर्ति के मुख्य हिस्से को बेचने के बाद उसे ठीक से तोड़कर अलग किया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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