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श्री-श्री के प्रोग्राम को NGT की हरी-झंडी, लगाया 5 करोड़ का जुर्माना

175 Days ago
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नई दिल्ली : दिल्ली में यमुना किनारे आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री-श्री रविशंकर द्वारा राजधानी दिल्ली में आयोजित विश्व सांस्कृतिक महोत्सव को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से मंजूरी मिल गई है। साथ ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इस कार्यक्रम के एवज में श्री-श्री रविशंकर के आर्ट ऑफ लिविंग पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले जल संसाधन मंत्रालय ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से कहा था कि श्री-श्री रविशंकर के इस कार्यक्रम को मंजूरी नहीं दी है। इस मामले को लेकर एनजीटी में सुनवाई की गई। हालांकि भाजपा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि श्री-श्री के कार्यक्रम को सारी मंजूरी मिली हुई है।

इससे पहले बुधवार को सुनवाई के दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पर्यावरणीय मंजूरी के मामले में उसके कहे अनुसार शपथ पत्र दायर नहीं करने पर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की खिंचाई की। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से पूछा कि क्या वह जांच किए बिना यमुना नदी में एंजाइम डालने की अनुमति दे सकती है।

इससे पहले, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने आर्ट ऑफ लिविंग से स्टेज बनाने और यमुना के इलाके को समतल करने सहित इस आयोजन के खर्च के बारे में पूछा तो आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से कहा कि तीन दिन के इस आयोजन पर करीब 26 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस पर जजों ने कहा, अगर आप इस रकम में ऐसा कर सकते हैं, तब तो यह वाकई असाधारण है। हो सकता है आगे आप ऐसे सभी राष्ट्रीय आयोजनों को संभालें।

पारिस्थतिकि नुकसान के लिए भारी जुर्माना
ट्रिब्यूनल ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र में होने वाले पारिस्थितकि नुकसान के लिए फाउंडेशन पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है. ट्रिब्यूनल ने पर्यावरण और जल संसाधन मंत्रालय के साथ ही डीडीए को ड्यूटी में चूक के लिए फटकार लगाई. इसके लिए डीडीए पर पांच लाख और डीपीसीसी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

11-13 मार्च को समारोह में आएंगे 3.5 लाख लोग
आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के 35 साल हो जाने के मौके पर होने वाला तीन दिनों का यह समारोह 11- 13 मार्च को होगा. उद्घाटन के दिन भव्य कार्यक्रम में 35,973 कलाकार एक साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे. इसमें दुनिया भर से करीब 3.5 लाख लोगों के आने की उम्मीद है. बड़े पैमाने पर समारोह की तैयारी की जी रही है.

पर्यावरणविदों ने उठाए थे सवाल
श्रीश्री रविशंकर की संस्था की ओर से दिल्ली के मयूर विहार इलाके में यमुना किनारे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जाना है. पर्यावरणविदों ने शुरुआत में ही समारोह को लेकर नियमों के उल्लंघन और यमुना कछार को होने वाली दिक्कतों पर सवाल उठाया था.

गौरतलब है कि यमुना बैंक के करीब 1,000 एकड़ एरिया को अस्थाई गांव के तौर पर तैयार किया गया है, जहां आर्ट ऑफ लिविंग का 3 दिन का वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल होना है। यहां योगा, मेडिटेशन और शांति प्रार्थनाओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम होने हैं।

वन और पर्यावरण मंत्रालय ने एनजीटी में एक हलफनामा दायर कर कहा कि यमुना किनारे अस्थायी निर्माण के लिए मंजूरी की जरूरत नहीं है। इस पर एनजीटी ने पूछा कि पर्यावरण मंत्रालय के तौर पर आपका क्या कर्तव्य है? क्या आपको लगता है कि इससे यमुना को नुकसान नहीं हो रहा? इससे पहले जल संसाधन मंत्रालय ने कहा था कि उसने इस मामले में कोई मंजूरी नहीं दी।

आर्ट ऑफ लिविंग ने एनजीटी के सामने कहा कि अस्थायी निर्माण डीडीए की मंजूरी और शर्तों के मुताबिक हुआ। जब स्टेज को लेकर बेंच ने सवाल उठाए कि सर्टिफाइड एजेंसी से आपने ढांचे की संरचना को पास कराया तो ऑर्ट ऑफ लिविंग ने गोल-मोल जवाब दिया।

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