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स्टिंग का वीडियो जारी, रावत पर खरीद-फरोख्त का आरोप (राउंडअप)

65 Days ago

कांग्रेस के बागी विधायकों की ओर से जारी वीडियो में मुख्यमंत्री रावत कथित रूप से विधायकों को पैसे देने की कोशिश करते दिख रहे हैं और उनसे विश्वासमत प्रस्ताव पर मतविभाजन के दौरान सरकार के पक्ष में वोट देने को कह रहे हैं। राज्यपाल के.के पॉल ने रावत सरकार को 28 मार्च से पहले विश्वास मत हासिल करने को कहा है।

वीडियो जारी करते हुए बागी विधायक हरक सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नौ बागी विधायकों एवं कुछ भाजपा विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि बागी विधायकों को जान से मारने की धमकी भी मिल रही है।

रावत ने कहा, "हमलोगों ने अपनी सुरक्षा की चिंता से भारत सरकार को अवगत करा दिया है और सुरक्षा की व्यवस्था करने को कहा है। साथ ही सरकार को तुरंत बर्खस्त करने को कहा है।"

उन्होंने कहा, "वीडियो में मुख्यमंत्री प्रति विधायक पांच करोड़ रुपये देने की पेशकश कर रहे हैं और यह भी कहते सुने जा रहे हैं कि चलो सस्ते निपट गया।"

उधर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को नोटिस भेज कर उनसे 26 मार्च तक जवाब मांगा था। नोटिस में कहा गया है कि पार्टी का अनुशासन भंग करने और भाजपा से हाथ मिलाने के लिए दल बदल कानून के तहत क्यों नहीं उन्हें सदन की सदस्यता से अयोग्य ठहराया जाए।

वीडियो जारी होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और स्टिंग करने वाले पत्रकार पर विपक्ष के साथ मिलकर उनकी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "भाजपा और स्टिंग में संलिप्त लोग अनैतिक और लोभी हैं।"

करीब दो सप्ताह पहले हरक सिंह रावत के नेतृत्व में कांग्रेस के नौ विधायकों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ तब बगावत कर दी, जब उन्होंने सदन में मत विभाजन की मांग की, जिसे अध्यक्ष ने ठुकरा दिया था।

इस संकट के उत्पन्न होने से पहले विधानसभा में कांग्रेस के 36 विधायक थे और उसे प्रगतिशील लोकतांत्रिक मोर्चा के छह विधायकों का भी समर्थन प्राप्त था, जबकि विपक्षी पार्टी भाजपा के 28 विधायक हैं।

इस बीच भाजपा ने वीडियो जारी होने के बाद सरकार को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है।

भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "स्टिंग वीडियो के जारी होने के बाद रावत को एक मिनट के लिए भी मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उनकी सरकार को बर्खास्त करना चाहिए। हमलोग राष्ट्रपति से मिलेंगे और सरकार को बर्खास्त करने की मांग करंेगे।"

लेकिन कांग्रेस ने हरीश रावत का समर्थन करते हुए वीडियो को फर्जी बताया और सरकार को बदनाम करने के लिए भाजपा पर घृणित हथकंडा अपनाने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका खारिज होने के बाद भाजपा गंदी राजनीति कर रही है।"

उधर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक आधर नहीं है। उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। बहुगुणा बागियों के नेता भी हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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