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Facebook की हिमाकतः लिखा- भारत बिट्रेन का गुलाम रहता, तो अच्छा रहता ..!

106 Days ago
| by RTI News

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नई दिल्ली: फ्री बेसिक्स इंटरनेट की अपनी इच्छा की योजना पर ट्राई का रेड सिग्नल मिलने से फेसबुक सहित तमाम सोशल मीडिया के अधिकारी बौखला गए हैं। हाल ये है कि फेसबुक के बोर्ड डायरेक्टर ने ये कहकर हंगामा खड़ा कर दिया कि भारत को ब्रिटिश शासन के अधीन ही रहना चाहिए था, तो अच्छा रहता।

मार्क एंडरसन सिलिकन वैली के दुनियां के सबसे बड़े पूंजीपतियों में से एक हैं और फेसबुक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य हैं। वो इस बात से गुस्से में हैं कि लाख कोशिशों के बावजूद फ्री बेसिक्स इंटरनेट भारत में काम नहीं कर पाया। हैरान करने वाली बात ये है कि उन्हें लगता है कि भारत नेट न्यूट्रलिटी जैसे फिजूल के विचार का समर्थन कर रहा है।

मार्क एंडरसन ने कहा कि इंटरनेट टैरिफ को लेकर भारत का फैसला सही नहीं है  और ये देश ब्रिटिश शासन के ही अधीन होता तो इसकी हालत ज्यादा बेहतर होता। मार्क एंडरसन ने ट्वीट किया कि उपनिवेशवाद विरोध के चलते तो भारतीयों को दशकों तक आर्थिक नुकसान हुए हैं। तो अब इसे क्यों रोका जा रहा है?



हालांकि बाद में उन्होंने विवाद के बाद अपना ये ट्वीट हटा लिया। उनके इस ट्वीट के बाद खूब हंगामा हो गया। भले ही मार्क ने बाद में इस ट्वीट को डिलीट कर दिया लेकिन इस ट्वीट के स्क्रीनशॉट अब भी ट्विटर पर रीट्वीट व शेयर किए जा रहे हैं। इसके बाद मार्क ने एक प्रकार से माफी भी मांगने की पेशकश की।


जब ट्विटर पर उनपर हमले जारी रहे तो उन्होंने सफाई दी कि वे किसी भी देश में उपनिवेशवाद के विरोधी हैं। साथ ही उन्होंने ये भी ट्वीट किया कि अब वे भारत की अर्थव्यवस्था और राजनीति पर चर्चा नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि ट्राई ने नेट न्यूट्रलिटी का पक्ष लेते हुए फेसबुक के फ्री बेसिक्स के विचार को खारिज कर दिया था। इसी से फेसबुक भड़का हुआ है। लेकिन एंडरसन का ये बयान इस विवाद को और बढ़ा सकता है।

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