DOWNLOAD OUR APP
IndiaOnline playstore
02:46 PM | Sat, 30 Jul 2016

Download Our Mobile App

Download Font

JNU विवाद पर दो फाड़ ABVP, तीन छात्र नेताओं युवा संगठन से दिया इस्तीफा

163 Days ago
| by

a349c74b-ceae-472d-99ef-cca0e3d8aa60

नई दिल्लीः देश के अग्रणी जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के विवाद के चलते केंद्र सरकार के निपटने के तरीके और दक्षिणपंथी धड़े की फांसीवादी ताकतों की कार्रवाई को सही ठहराने पर भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी की जेएनयू इकाई के तीन छात्र पदाधिकारियों ने बुधवार को संगठन से इस्तीफा दे दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जेएनयू इकाई के संयुक्त सचिव प्रदीप नरवाल ने संगठन से इस्तीफा देते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़ दी है।

जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज की एबीवीपी इकाई के अध्यक्ष राहुल यादव और इसके सचिव अंकित हंस ने भी कहा कि उन्होंने पार्टी छोड़ दी है।

तीनों नेताओं ने इस्तीफा देने के बाद एक संयुक्त बयान में कहा कि उन्होंने एबीवीपी संगठन को छोड़ने का फैसला किया है, क्योंकि केन्द्र की एनडीए सरकार जिस तरह से इन मुद्दों से निपट रही है उससे उनका जबर्दस्त मतभेद है। उन्होंने यह भी कहा, ‘सवाल पूछने, विचारों के दमन और समूचे वाम का राष्ट्र विरोधी के तौर ब्रांडिंग’ करने के बीच फर्क है।

छात्रों ने कहा कि दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सोमवार को मीडियाकर्मियों और जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों के साथ फिर एक बार बुधवार को उसी परिसर में जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर हुए हमले को लेकर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि सरकार दक्षिणपंथी धड़े की फांसीवादी ताकतों की कार्रवाई को ‘वैध करार’ दे रही है। उन्होंने कहा, ‘हमलोग एबीवीपी संगठन से इस्तीफा दे रहे हैं और मौजूदा जेएनयू घटना और लंबे समय से मनुस्मृति (स्मृति ईरानी) के साथ वैचारिक भिन्नता और रोहित वेमुला मामले पर अपने वैचारिक मतभेद के कारण हम पार्टी की अगली किसी भी गतिविधि से खुद को अलग करते हैं।




छात्रों के बयान के मुताबिक, ‘विश्वविद्यालय परिसर में बीती 9 फरवरी 2016 को लगे राष्ट्र विरोधी नारे दुर्भाग्यपूर्ण और देश की भावनाओं को आहत करने वाले थे। इस कृत्य के लिए चाहे जो भी जिम्मेदार हो उसे देश के कानून के मुताबिक जरूर सजा मिलनी चाहिए। लेकिन, जिस कदर केन्द्र सरकार इस पूरे मामले से निपट रही है, चाहे वह प्रोफेसरों पर कार्रवाई, वकीलों द्वारा मीडियाकर्मियों और कन्हैया कुमार पर अदालत परिसर में बार-बार हमले का मामला हो, यह अनुचित है’।

जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार की रिहाई को लेकर जेएनयू के छात्र हड़ताल पर हैं। कन्हैया कुमार को जेएनयू में एक कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में पिछले शुक्रवार को राष्ट्रद्रोह और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के आयोजन का विरोध किया था जिसके बाद कुलपति ने इसकी मंजूरी नहीं दी थी, बावजूद इसके आयोजकों ने कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

Viewed 38 times
  • SHARE THIS
  • TWEET THIS
  • SHARE THIS
  • E-mail

Our Media Partners

app banner

REVOLUTIONARY ONE-STOP ALL-IN-1 MARKETING & BUSINESS SOLUTIONS

  • Digital Marketing
  • Website Designing
  • SMS Marketing
  • Catalogue Designing & Distribution
  • Branding
  • Offers Promotions
  • Manpower Hiring
  • Dealers
    Retail Shops
    Online Sellers

  • Distributors
    Wholesalers
    Manufacturers

  • Hotels
    Restaurants
    Entertainment

  • Doctors
    Chemists
    Hospitals

  • Agencies
    Brokers
    Consultants

  • Coaching Centres
    Hobby Classes
    Institutes

  • All types of
    Small & Medium
    Businesses

  • All types of
    Service
    Providers

FIND OUT MORE