केंद्र ने कुपोषण को कम करने के लिए भारतीय पोषण कृषि कोष के गठन की घोषणा की

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केन्‍द्र सरकार ने भारतीय पोषण कृषि कोष बनाने की आज घोषणा की। इसका उद्देश्‍य कुपोषण दूर करने के लिए बहुक्षेत्रीय ढांचा विकसित करना है जिसके तहत बेहतर पोषक उत्‍पाद लेने के लिए 128 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विविध फसलों पर जोर दिया जायेगा।

नई दिल्‍ली में आयोजित समारोह में महिला और बाल विकास मंत्री स्‍मृति जुबिन इरानी ने कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए कृषि और पोषाहार के बीच तालमेल की जरूरत पर जोर दिया।

उन्‍होंने कहा कि सरकार ने कुपोषण रोकने, पेयजल उपलब्‍ध कराने और स्‍वच्‍छता की दिशा में काफी काम किया है। उन्‍होंने कहा कि शौचालय बनाने और मासिक-चक्र के दौरान साफ सफाई पर विशेष ध्‍यान देते हुए सरकार महिलाओं और बच्‍चों को स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा प्रदान कर रही है।

जानेमाने समाजसेवी और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्‍थापक बिल गेट्स ने अपने विशेष संबोधन में कहा कि भारत ही नहीं बल्कि समूचा विश्‍व कुपोषण की समस्‍या झेल रहा है। उन्‍होंने कहा कि कई बार कुपोषण के कारण पांच साल से कम आयु वाले बच्‍चों की मृत्‍यु हो जाती है।

कुपोषण से निपटने में भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए श्री गेट्स ने कहा कि भारत के राष्‍ट्रीय पोषाहार मिशन से कुपोषण समाप्‍त करने के प्रयासों को और बल मिला है।

देश में हरित क्रांति के प्रणेता डॉक्‍टर एम एस स्‍वामीनाथन ने भारत को पोषाहार की दृष्टि से सुरक्षित बनाने के लिए पांच सूत्री कार्य योजना का सुझाव दिया। इन पांच सूत्रों में महिला और बच्‍चों को कैलोरीयुक्‍त भोजन की पक्‍की व्‍यवस्‍था करना, उच्‍च प्रोटीनयुक्‍त भोजन उपलब्‍ध कराने और पोषक तत्‍वों की कमी दूर करने के लिए स्‍वच्‍छ पेयजल की सप्‍लाई करना और लोगों को पोषाहार के प्रति जागरूक बनाना जरूरी है।

महिला और बाल विकास मंत्रालय इस परियोजना को बिल एंड मिलिंडा फाउंडेशन के सहयोग से चलाएगा। (AIR NEWS)

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