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जानिए 2020 में क्यों खास है 71 वां गणतंत्र दिवस

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भारत इस वर्ष अपना 71 वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। वर्ष 1947 में 15 अगस्त को भारत की स्वतंत्रता के पश्चात संविधान का निर्माण किया गया। यूं तो संविधान का निर्माण 26 नवंबर 1949 को हो गया था किन्तु इसे लागू 26 जनवरी 1950 में किया गया। 26 जनवरी 1950 को ही ब्रिटिश सरकार के भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया। इसके बाद देश में तीनों पालिकाओं (न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका) में संविधान के मुताबिक काम होने लगे। तब से प्रतिवर्ष 26 जनवरी को ही भारत का संविधान दिवस यानि गणंतत्र दिवस मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस का आयोजन मुख्य रुप से देश की राजधानी दिल्ली में किया जाता है। गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य रुप से भव्य झांकिया और परेड निकाली जाती है जो भारत की शक्ति को प्रदर्शित करती है।

गणतंत्र दिवस समारोह

इस दिन मुख्य रुप से देश के प्रधानमंत्री इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति अपने सुरक्षाबलों के साथ 14 घोड़ों से सजी बग्गी में बैठकर इंडिया गेट पर आते हैं, जहां उनका स्वागत प्रधानमंत्री के द्वारा किया जाता है। जिसके बाद तीनों सेनाओं के जवानों द्वारा परेड राजपत से इंडिया गेट तक निकाली जाती है। इसके बाद सम्मानित ध्वज के सामने सभी गणमान्य लोग, राष्ट्रपति ध्वज के सम्मान में राष्ट्रीय गान गाया जाता है। 21 तोपों की सलामी दी जाती है, साथ ही राज्यों की मनोहर प्रस्तुति होती है। गणतंत्र दिवस के मौके पर देश के हर राज्य में अपने लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं इस समारोह में विदेशी मेहमानों को आमंत्रित किया जाता है। भव्य प्रस्तुतियों के साथ इस दिवस का समापन किया जाता है।

गणतंत्र दिवस 2020 के मुख्य अतिथि

भारत का 71वां गणतंत्र दिवस 26 नजवरी 2020 को मनाया जाएगा। इस बार यह कार्यक्रम और भी ज्यादा भव्य तरह से आयोजित किया जाएगा। हर साल की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस समारोह के लिए विशेष अतिथि को आमंत्रित किया गया है। इस बार विशेष रुप से मुख्य अतिथि के रुप में भारत के खास मेहमान ब्राजील के 38वें राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो होंगे। पूर्व सेना प्रमुख बोलसोनारो ने अक्टूबर 2018 चुनाव में बड़ी जीत हासिल कर पिछले साल जनवरी में राष्ट्रपति पद की बागडोर संभाली थी। आखिरी बार 2016 में ब्राजील के राष्ट्रपति मिशेल टेमेर गोवामें आयोजित आठवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत करने भारत आए थ। मोदी ग्यारहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने ब्राजील गये थे। वर्ष 1996 और 2004 में ब्राजील के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बन चुके हैं।

इस बार वॉर मेमोरियल से शुरु होगा गणतंत्र दिवस समारोह




इस वर्ष गणतंत्र दिवस का समारोह इंडिया गेट से शुरु ना होकर वहीं स्थित राष्ट्रीय वॉर मेमोरियल से शुरु होगा। शदीदों को समर्पित वॉर मेमोरियल से कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9.33 बजे होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगें। इस अवसर पर उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस (सीडीएस)जनरल बिपिन रावत, आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवने, नौसेना चीफ एडमिरल करमबीर सिंह और वायु सेना चीफ एयर मार्शल आरके एस भदौरिया भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगें।

बच्चों को दिया जाएगा वीरता पुरस्कार

गणतंत्र दिवस समारोह

भारत के 71 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी 22 बच्चों को वीरता पुरस्कार दिया जाएगा। वर्ष 2019 के 22 बच्चों का चयन किया गया है। इनमें 10 लड़कियां हैं जबकि 12 लड़के। एक लड़के को यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया जाएगा। तीन बच्चों को गहरे समुद्र में डूबने से बचाय था। केरल के रहने वाले 17 वर्षीय मोहम्मद मुहसिन ईसी ने अपने तीन दोस्तों को गहरे समुद्र में डूबने से बचाया लेकिन खुद समुद्र में डूब गया। उसका शव अगले दिन मिला। इस बहादुर बच्चे को मरणोपरांत अभिमन्यु अवार्ड से नवाजा जाएगा। परिषद का सबसे बड़ा सम्मान भारत अवार्ड केरला के ही रहने वाले आदित्य के. को प्रदान किया जाएगा। आदित्य ने पर्यटकों से भरी एक बस मे आग लग जाने पर बहादुरी दिखाते हुए उस बस के शीशे तोड़ कर 40 से ज्यादा लोगों की जिंदगी बचाई। आदित्य उस बस में सवार था और आग लगने के बाद बस का ड्राइवर बस छोड़ कर भाग गया था और यात्री धुआं भरने की वजह से चीख पुकार करने लगे थे। ऐसे में आदित्य ने सूझबूझ दिखाते हुए बस के शीशे को तोड़ दिया जिससे यात्री बाहर निकल पाए। मार्कंडेय अवार्ड उत्तराखंड के रहने वाली 10 वर्षीय राखी को मिलेगा, जबकि ध्रुव अवार्ड ओडिशा की रहने वाली पूर्णिमा गिरी और सबिता गिरी को प्रदान किया जाएगा। ओडिशा की ही रहने वाली 10 वर्षीय बदरा को प्रह्लाद अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। जम्मू कश्मीर की रहने वाली 17 वर्षीय सरताज मोहीदीन मुगल को श्रवण अवार्ड प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा सामान्य पुरस्कार पाने वालों में मणिपुर की आठ वर्षीय लारेंबम याईखोंबा मंगांग, मिजोरम की पौने 17 वर्षीय लालियानसांगा, कर्नाटक की सवा 11 वर्षीय बेंकटेश, छत्तीसगढ के सवा नौ वर्ष के कांति पैकरा, जम्मू कश्मीर के साढे 18 वर्षीय मुदासिर अशरफ, कर्नाटक की 9 वर्षीय आरती किरण शेट, मिजोरम की 11 वर्षीय कैरोलिन मलसामतुआंगी, छत्तीसगढ की साढे 12 वर्षीय भामेरी निर्मलकर, मेघालय के पौने 11 वर्षीय एवरब्लूम के नोंगरम, हिमाचल प्रदेश के साढे 13 वर्षीय अलाईका, असम के पौने 11 वर्षीय कमल कृष्णा दास, केरला के सवा 13 वर्षीय फतह पीके, मिजोरम के पौने 13 वर्षीय बनलालरियातरेंगा , महाराष्ट्र के पौने 11 वर्षीय जेन सदावरते व 15 वर्षीय आकाश मच्छिंद्रा खिल्लारे शामिल हैं।

71वें गणतंत्र दिवस परेड में क्या है खास

गणतंत्र दिवस

भारत को गणतंत्र बने 71 साल होने जा रहे हैं। 2020 में मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस विभिन्न झांकियों के लिए प्रसिद्ध है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड वह मौका होता है जब देश के विभिन्न राज्य देश-विदेश के लोगों को अपने प्रदेश की कला, संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, समृद्ध विरासत और विकास को झांकियों के माध्यम से पेश करते हैं। इसके साथ ही केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय भी अपने विभागों की बड़ी उपलब्धियों को झांकी के माध्यम से दिखाते हैं। इस वर्ष पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार एवं केरल की झांकिया समारोह में देखने को नहीं मिलेगी। इन्हें विभिन्न कारणों की वजह से शामिल होने की अनुमति नहीं मिली है। इस वर्ष अलग-अलग विभागों की 22 झांकियां निकाली जाएंगी। झांकी निकालने और उसकी तैयारी करने सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिया है। जिन 22 विभागों की गणतंत्र दिवस परेड में झांकी निकलेंगी, पूर्वोत्तर राज्यों से सिर्फ असम और मेघायल को ही सूची में जगह मिली है जबकि दक्षिण भारत के राज्यों से सिर्फ केरल को ही बाहर रखा गया है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना की झांकियों को रिपब्लिक डे परेड में शामिल किया जाएगा। केंद्रीय मंत्रालयों में वित्त मंत्रालय, पेयजल एवं शौचालय विभाग, उद्योग मंत्रालय, गृह मंत्रालय, केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय और जहाजरानी मंत्रालय की झांकियों को भी रिपब्लिक परेड में शामिल किया गया है। झांकी में शामिल होने के लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से बनाई गई झांकी चयन की विशेषज्ञ समिति के सामने तमाम राज्यों को अपने राज्य की झांकी का प्रजेंटेशन देना होता है। इस समिति में सेना के अधिकारी, कला-संस्कृति जानकार और कला की दुनिया से आने वाले बड़े कलाकार शामिल होते हैं। खास बात यह है कि झांकियों के चयन की यह प्रक्रिया 15 अगस्त के बाद से शुरू हो जाती है जो कई दौर के बाद जनवरी के पहले सप्ताह में पूरी की जाती है।

सेना की परेड में क्या होगा खास

गणतंत्र दिवस

गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी भारतीय सेना का नेतृत्व महिला को दिया गया है। कैप्टन तानिया शेरगिल 26 जनवरी को राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने सेना दिवस पर भी सेना का नेतृत्व किया था। पिछले साल भी महिला अफसर कैप्टन भावना कस्तूरी ने गणतंत्र दिवस की परेड का नेतृत्व किया था। तानिया के पिता, दादा और परदादा भी सेना में शामिल रहे हैं। तानिया शेरगिल थल सेना के सिग्नल कॉर्प्स में कैप्टन हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार में बी-टेक तानिया को चेन्नई की ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी से 2017 में कमीशन मिला था। इस बार एनसीसी के परेड शिविर में देश के कुल 28 राज्यों और 9 केंद्रशासित प्रदेशों से चुने हुए कुल 2 हजार 155 कैडेट शामिल हुए हैं। इसमें 732 लड़कियां भी भाग ले रही हैं। इसके अलावा एनसीसी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत कुल दस मित्र देशों से आए 115 विदेशी कैडेट भी इस वर्ष शिविर में भाग ले रहे हैं।गणतंत्र दिवस परेड में इस बार सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो भी नजर आएंगे। छह साल बाद गणतंत्र दिवस परेड में सेना का पैरा दस्ता भी मौजूद होगा, जिसमें स्पेशल फोर्स के कमांडो भी होंगे। परेड में भी यह दस्ता बाकी दस्तों से अलग नजर आएगा यह दोगुनी स्पीड में मार्च करेगा गणतंत्र दिव सपरेड में पहली बार स्वदेशी धनुष तोप भी शामिल होंगी।

इसे देसी बोफोर्स भी कहा जाता है। हालांकि मारक क्षमता आदि मामलों में यह बोफोर्स तोप से बेहतर है। बोफोर्स की मारक रेंज 29 किमी है, जबकि धनुष 38 किमी तक गोले दाग सकती है। रात में भी सटीक निशाना लगा सकती है। मुश्किल रास्तों पर भी आसानी से चल सकती है। एयरफोर्स की झांकी में राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट का मॉडल भी होगा। पहली बार फ्लाईपास्ट में अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर और चिनूक हेवी लिफ्ट हेलिकॉप्टर भी शामिल होंगे। 5 अपाचे और 3 चिनूक फ्लाईपास्ट का हिस्सा बनेंगे। अपाचे हेलिकॉप्टर दुनिया के सबसे आधुनिक और घातक हेलिकॉप्टर माने जाते हैं। चिनूक हेवी लिफ्ट हेलिकॉप्टर है, जिससे युद्ध से जुड़े हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में मदद मिलती है। इस बार 26 जनवरी के परेड के कार्यक्रम स्थल पर 30 स्पेशल सीसीटीवी कैमरे लग रहे हैं, जो चेहरा पहचानने की अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। नाम है- फेस रिक्यूनाइज्ड कैमरे। इन कैमरों के डाटा बेस में उन सभी आतंकियों, देश विरोधी संदिग्धों और कुख्यात अपराधियों का डाटा रेकॉर्ड है, जिनसे देश की सुरक्षा को खतरा है और जो 26 जनवरी के सुरक्षा इंतजामों के बीच कोई साचिश कर सकते हैं। ऐसे चेहरों को देखते ही ये कैमरे उस पर फोकस्ड हो जाएंगे। कंट्रोल रूम को उनकी लाइव फुटेज भेजने के साथ अलॉर्म बजा देंगे। इन कैमरों का कंट्रोल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच के पास रहेगा। उनकी टीमें सादे कपड़ों में उन कैमरों के आसपास तैनात रहेंगी। इस तरह फौरन देश विरोधी तत्वों की धर-पकड़ हो सकेगी। ये कैमरे 26 जनवरी के कार्यक्रम स्थल पर एंट्री गेट, वीआईपी मंच, प्रांगण जैसी जगहों पर लगाए जाएंगे। इस बार का गणतंत्र दिवस बहुत ही खास होगा। (INDIAONLINE)

360 Days ago

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