मप्र में मतगणना शुरू, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

news

भोपाल| मध्य प्रदेश के 29 ससंदीय क्षेत्रों और एक विधानसभा क्षेत्र में डाक मतपत्रों के साथ मतगणना का दौर शुरू हो गया है। भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच मतगणना चल रही है। इस चुनाव से राज्य के कई महत्वपूर्ण नेताओं की किस्मत का भी फैसला होने वाला है।

राज्य में भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच आज आठ बजते ही मतगणना शुरू हो गई। जहां 15 हजार कर्मचारी मतगणना के काम में लगे हैं। राज्य के 29 संसदीय क्षेत्रों के 51 जिला मुख्यालयों पर मतगणना हो रही है। कुल 311 मतगणना कक्ष बनाए गए हैं। मतगणना की शुरुआत डाक मतपत्रों की गिनती से हुई। वहीं, ईवीएम में दर्ज मतों की मतगणना साढ़े आठ बजे शुरू होगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, ईवीएम मतों की मतगणना के लिए प्रदेश में कुल 292 कक्ष बनाए गए हैं। इनमें से 124 कक्षों में सात टेबल, 164 कक्ष में 14 टेबल एवं चार कक्ष में 21 टेबल (कटनी जिले में) लगाई गई हैं। डाक मतपत्रों की गणना के लिए बनाए 19 मतगणना कक्ष सहित कुल 311 कक्षों में कुल 3,409 टेबल लगाई गई हैं।

बताया गया है कि सभी ईवीएम की मतगणना पूर्ण होने के उपरान्त प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पांच वीवीपैट की गणना की जाएगी। इन पांच वीवीपैट की पर्चियों की गणना क्रमबद्घ तरीके से (एक के बाद एक) की जाएगी। मतगणना स्थल पर त्रिचक्रीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

मतगणना स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए समस्त मतगणना स्थल पर कुल 9,000 सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। साथ मतगणना परिसर, स्ट्रांग रूम से मतगणना कक्ष तक ईवीएम के लाने-ले जाने वाले मार्ग एवं मतगणना कक्ष में कुल 1,800 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वहीं, मतगणना स्थल पर वाई-फाई का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

राज्य का इस बार का चुनाव कई महत्वपूर्ण नेताओं के भविष्य को तय करने वाला होगा। भोपाल में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का मुकाबला भाजपा की साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से है। वहीं, खंडवा में कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव व भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान आमने-सामने हैं। इसके अलावा छिंदवाड़ा से कांग्रेस के उम्मीदवार व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ, गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया, मंदसौर से मीनाक्षी नटराजन, सीधी से अजय सिंह, मुरैना से भाजपा के केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का भविष्य दाव पर लगा हुआ है।

राज्य के 29 संसदीय क्षेत्रों के अलावा छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हो रहा है। यहां से मुख्यमंत्री कमलनाथ चुनाव लड़ रहे हैं। कमलनाथ दिसंबर में राज्य के मुख्यमंत्री बने थे और उन्हें छह माह के भीतर विधायक निर्वाचित होना आवश्यक हैं। छिंदवाड़ा से दीपक सक्सेना ने विधायक पद से इस्तीफा देकर सीट को कमलनाथ के लिए खाली किया था।

 

(RTI NEWS)