यूपी 69000 शिक्षक भर्ती: सहायक अध्यापकों की भर्ती नहीं बढ़ी सात महीने में एक भी कदम

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उत्तर प्रदेश परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती सात महीने में एक कदम आगे नहीं बढ़ सकी है। इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा इसी वर्ष 6 जनवरी को कराई गई थी।

जिसमें टीईटी/सीटीईटी पास 4.10 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे लेकिन कटऑफ को लेकर ऐसा विवाद शुरू हुआ की आजतक प्रश्नपत्र की उत्तरकुंजी तक जारी नहीं हो सकी है।

जैसे मुकदमों की पैरवी हो रही है उसमें यह मामला जल्द निपटता नजर नहीं आ रहा है। एक दिसंबर 2018 को तत्कालीन अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डॉ.

प्रभात कुमार की ओर से परीक्षा का शासनादेश जारी हुआ था जिसमें न्यूनतम अर्हता अंक का जिक्र नहीं था। 6 जनवरी 2019 को परीक्षा के ठीक एक दिन बाद उत्तीर्ण प्रतिशत 60/65 प्रतिशत कर दिया गया।

यानी 150 अंकों की परीक्षा में से सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 97 और अन्य आरक्षित वर्ग के लिए 90 अंक लाना अनिवार्य कर दिया गया। इस पर शिक्षामित्र और बीटीसी/बीएड अभ्यर्थी दो धड़े में बंट गए। शिक्षामित्रों ने 7 जनवरी के कटऑफ के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका कर दी जबकि बीटीसी/बीएड अभ्यर्थी कटऑफ के समर्थन में है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि शिक्षामित्र कम नंबर पाकर भी पास हो जाते हैं तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 25 प्रतिशत भारांक की मदद से उनका चयन सहायक अध्यापक पद पर हो जाएगा। जबकि अधिक मेरिट वाले बीटीसी/बीएड अभ्यर्थी बाहर हो जाएंगे।

शिक्षामित्रों की ओर से 17 जनवरी को दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने 29 मार्च को आदेश सुनाया जिसमें 68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा का कटऑफ (40/45 प्रतिशत) बहाल कर दिया। लोकसभा चुनाव और अन्य कार्यों की व्यस्तता के कारण सरकार ने 29 मार्च के आदेश के खिलाफ दो महीने देर से *27 मई को डबल बेंच में अपील दाखिल की।

जिसकी सुनवाई अब तक नहीं हो सकी है। निरंजन सिंह (प्रदेश महामंत्री बीटीसी संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा 2015) ने कहा- 69000 शिक्षक भर्ती में 60/65 प्रतिशत कटऑफ की पैरवी सरकार को न्यायालय में मजबूती से करनी चाहिए। भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी अवसाद से ग्रस्त हैं।

जिले के 3642 शिक्षामित्रों का वर्तमान और भविष्य दांव पर प्रयागराज जिले के 3642 शिक्षामित्रों का वर्तमान और भविष्य दांव पर है। इनमें से कुछ शिक्षामित्रों की नियुक्ति सहायक अध्यापक पद पर हो चुकी है लेकिन अधिकांश ठोकर खा रहे हैं।

वसीम अहमद ने बताया कि जिले के प्राथमिक स्कूलों में कुल 3642 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 3214 का समायोजन सहायक अध्यापक पद पर हो गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिर से शिक्षामित्र के पद पर काम कर रहे हैं। अन्य 418 ने तीसरे चरण का प्रशिक्षण पूरा कर लिया था लेकिन समायोजन नहीं हो सका था।

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